341 आईपीसी सदोष अवरोध के लिए दंड – जो कोई किसी व्यक्ति का सदोष अवरोध करेगा , वह सादा कारावास से , जिसकी अवधि एक मास तक की हो सकेगी , या जुर्माने से , जो पाँच सो रुपये तक का हो सकेगा , या दोनों से , दंडित किया जाएगा ।

Explanation In Kanoon Ki Roshni Mein Words: सदोष अवरोध का मतलब अगर कोई व्यक्ति किसी व्यक्ति को उस एक दिशा मे जाने से रोकता है जिस एक दिशा मे उसको जाने का अधिकार है तो ये माना जाएगा उसने सदोष अवरोध का अपराध किया है !और इंद्रीसन मुगम 1971 बॉम्बे क्रिमिनल ला जनरल के जजमेन्ट के अंतर्गत सदोष अवरोध भोतीक रूप से, शारीरिक रूप से, शब्दों के द्वारा या अन्य किसी रूप मे भी हो सकता है! परंतु ऐसा व्यक्ति स्वयं के प्राइवेट मार्ग मे आने से रोकता है तो अपराध नही होगा !नीचे अपवाद को देखे !

अपवाद- भूमि के या जल के किसी प्राइवेट मार्ग में बाधा डालना जिसके संबंध में किसी व्यक्ति को सद्भावपूर्वक विश्वास है की वहाँ बाधा डालने का उसे विधिपूर्ण अधिकार है , इस धारा के अर्थ के अंतर्गत अपराध नहीं है ।

 टिप्पणी  

यह धारा संहिता की धारा 339 में परिभाषित सदोध अवरोध के अपराध के लिए दंड की व्यवस्था करती है । इसके अनुसार , जो कोई किसी व्यक्ति का सदोष अवरोध करेगा , वह एक मास तक के सादा कारावास , या पाँच सो रुपये तक के जुर्माने से , या दोनों से , दंडित किया जाएगा । इस धारा के अधीन कठिन कारावास की व्यवस्था नहीं है । कारावास की अवधि भी बहुत कम है जिससे यह स्पष्ट होता है की अपराध गम्भीर नहीं है ।

जहां सदोष परिरोध के लिए की गई दोषसिद्धि स्वतंत्रता संपोषक साक्ष्य से समर्थित नहीं है और आरोप में अपराध कारित करने की तिथि भी न लिखी हो , यह अभिनिर्धारित किया गया की साक्ष्य केवल सदोष अवरोध के अपराध की दोषसिद्धि के लिए प्रयाप्त है सदोष परिरोध के लिए नहीं ।

विजय कुमारी मागी बनाम श्रीमती एस. एम. राव में उच्चतम न्यायालय ने यह स्पष्ट किया की सदोष अवरोध के अपराध के लिए यह आवश्यक है की जिस व्यक्ति को किसी दिशा में जाने से निवारित किया गया है उस व्यक्ति का उस दिशा में जाने का अधिकार होना चाहिए । परिवादी शिक्षिका की होस्टल में निवास की अनुज्ञप्ति को समाप्त किए जाने के पश्चात अनुज्ञप्तिधारी के रूप में होस्टल के कमरे में उसके रहने का कोई अधिकार नहीं रह जाता । अत: स्कूल के प्राधिकारियों के द्वारा उन्हे होस्टल के कमरे में प्रवेश करने से रोका जाना सदोष अवरोध नहीं है ।