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स्टॉक मार्केट दुनिया भर में पैसा कमाने का एक लोकप्रिय साधन है। जब कोई निवेशक स्टॉक मार्केट में प्रवेश करता है, तो सबसे पहले उसे यह जानना चाहिए कि भारत में स्टॉक मार्केट का टाइम (Share Market Timing in Hindi) क्या है।

जैसे मिसाल के तौर पर, स्कूल जाने वाले बच्चे को स्कूल का समय पता होना चाहिए। उसी तरह आपको भी सबसे पहले यह समझना होगा, कि स्टॉक मार्केट क्या है।

स्टॉक मार्केट एक ऐसी जगह के बारे में बताता है, जहां एक ट्रेडर या निवेशक अलग अलग फाइनेंशियल सेग्मेंट जैसे कि इक्विटी, कमोडिटी, करेन्सी, आदि में ट्रेड कर सकता है।

यहाँ इस स्टॉक मार्केट में कुल मिला कर 11 सेक्टर है, जिनमें आप निवेश कर सकते हैं।

इस जगह में एक्सचेंज (एनएसई, बीएसई, एनसीडीईएक्स, एमसीएक्स आदि) शामिल हैं। यहाँ पर कई सेग्मेंटस जैसे नई सिक्योरिटीज जारी करना, उन्हें ख़रीदना, बेचना आदि में नियमित रूप से ट्रेड किया जाता है।

सभी स्टॉक मार्केट एक दूसरे से अलग होते है। और इसी तरह, भारतीय स्टॉक मार्केट भी अपने तरीकों के कारण सबसे अनोखा है।

चलिये, अब भारतीय स्टॉक मार्केट के टाइम (Share Market Timing in Hindi) को जानने के लिए आगे बढ़ते है।

अगर आप शेयर मार्केट में अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो Share Market in hindi का रिव्यु पढ़ कर सकते हैं।

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शेयर बाजार कितने बजे खुलता है?

भारतीय स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग सोमवार से शुक्रवार तक होती है, और सप्ताहांत के दिनों, यानी शनिवार और रविवार को किसी भी तरह की ट्रेडिंग की अनुमति नहीं होती है।

लेकिन अलग-अलग एक्सचेंजों में ट्रेडिंग का टाइम और दिन भिन्न भी हो सकते हैं।

भारत में दो प्रमुख एक्सचेंज हैं: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ़ इंडिया लिमिटेड (एनएसई) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज लिमिटेड (बीएसई)। 

इसके अलावा, भी कई एक्सचेंज हैं,  जो या तो राष्ट्रीय या क्षेत्रीय हैं।

और वो जिन सेग्मेंटस में ट्रेड करते हैं,  उनमें इक्विटी से लेकर कमोडिटी, करेंसी, बॉन्ड, डेरिवेटिव आदि शामिल हैं।

चलिए, जानते हैं कि शेयर मार्केट का टाइम (Share Market Timing in Hindi) एनएसई और बीएसई में क्या है?


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बीएसई स्टॉक मार्केट का टाइम

बीएसई, जिसे पहले बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज लिमिटेड के नाम से जाना जाता था, जो एशिया का पहला और भारत का सबसे पुराना और सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है।

जिसकी स्थापना वर्ष 1875 में नेटिव शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स एसोसिएशन के नाम से हुई थी। और यह  6,000 से अधिक कंपनियों को भी सूचीबद्ध करता है।

बीएसई सबको इक्विटी, करेंसी, डेरिवेटिव्स, म्यूचुअल फंड और डेबट इंस्ट्रूमेंट्स में ट्रेड करने की सुविधा प्रदान करता है।

इसके साथ साथ यह कुछ आवश्यक कैपिटल ट्रेडिंग सर्विसेज़ जैसे रिस्क मैनजमेंट, निवेशक शिक्षा, क्लीयरिंग और सेटलमेंट का भी विस्तार भी करता है।

बीएसई में ट्रेडिंग करने का टाइम सुबह 9:15 से शाम 3:30 है। यह ट्रेड मार्केट सोमवार से शुक्रवार तक खुला रहता है।

दिन 

समय 

सोमवार से शुक्रवार   सुबह 9:15 से शाम 3:30 बजे तक 

एनएसई स्टॉक मार्केट का टाइम 

आइए,  एनएसई स्टॉक मार्केट टाइम (Share Market Timing in Hindi) के बारे में जानते हैं। 

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ़ इंडिया लिमिटेड एनएसई का पूरा नाम है। इस स्टॉक एक्सचेंज की स्थापना वर्ष 1992 में की गयी थी, और इसमें ट्रेडिंग वर्ष 1994 में शुरू हुई थी। यह भारत का सबसे बड़ी फाइनेंशियल मार्केट है।

अगर हम इक्विटी ट्रेडिंग वॉल्यूम के आधार पर देखें तो एनएसई चौथे स्थान पर है, और समय के साथ, एक परिष्कृत इलेक्ट्रॉनिक मार्केट की तरह विकसित हुआ है।

एनएसई ट्रेडर्ज़ के लिए ट्रेडिंग विंडो सोमवार को खुलती है, और शुक्रवार को बंद होती है। एनएसई स्टॉक मार्केट का टाइम सुबह 9:15  से शाम 3:30 तक का होता है।

दिन 

टाइम 

सोमवार से शुक्रवार   सुबह 9:15 से शाम 3:30 

इसके साथ ही, बीएसई और एनएसई के बीच के अंतर, विशेषताए, परिभाषा, अर्थ और उनके बारे में किसी ओर संदेह को स्पष्ट करने के लिए इस को भी पढ़ें।


भारतीय स्टॉक मार्केट की टाइमिंग

भारतीय स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग एक परिभाषित अवधि के लिए ही उपलब्ध होती है।

इसलिए इनके रीटेल निवेशक और ट्रेडर केवल उसी समय के दौरान ही अपने उन डीमैट खातों की मदद से इसमें ट्रेड कर सकते हैं,  जो एक डिपॉजिटरी प्रतिभागी के साथ रेजिस्टर्ड होते हैं।

भारतीय स्टॉक मार्केट का टाइम (Share Market Timing in Hindi) सुबह 9:15 से शाम 3:30 बजे तक का होता है। जोकि भारत के दोनों सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंजों – एनएसई (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) और बीएसई (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) के लिए एक जैसा है।

ट्रेडिंग से संबंधित अलग-अलग गतिविधियों के लिए, ट्रेड स्लॉट को तीन अलग अलग श्रेणियों में बाँटा गया है: जैसे 

  1. प्री-ओपनिंग सेशन 

जैसा कि नाम से ही पता चलता है, कि यह प्री-ओपनिंग सेशन सुबह स्टॉक मार्केट के खुलने से पहले ही शुरू हो जाता है। यह सेशन सुबह 9 बजे शुरू होता है,  और केवल 15 मिनट तक ही रहता है।

यहाँ प्री-ओपनिंग सेशन के लिये तीन छोटे स्लॉट बनाये जाते हैं। जो कि निम्नलिखित हैं: जैसे 

  • सुबह 9:00 से सुबह 9:08 बजे तक 

यह स्लॉट तब होता है, जब मार्केट में काम शुरू हो जाता है। इन 8 मिनटों के दौरान,  एक ट्रेडर इनके इक्विटी सेगमेंट में किसी भी तरह का लेनदेन करने के लिए आदेश दे सकता  हैं। इस स्लॉट में दिए गए आदेशों को निष्पादन के दौरान बेहतर ट्रीटमेंट मिलता है।

ये ऑर्डर शुरुआत में ही बंद भी हो जाते हैं, यानी जैसे ही मार्केट ट्रेडिंग के लिए खुलती है। उसी विंडो में ही इन ऑर्डर को रद्द या परिवर्तित किया जा सकता है। क्योंकि इस स्लॉट के ख़त्म होने के बाद किसी को भी इनमे किसी भी तरह के बदलाव करने की अनुमति नहीं होती है।

  • सुबह 9:08 से सुबह 9:12 बजे तक 

एक बार जब ट्रेडों को मार्केट में ट्रेडिंग के लिए पिछले स्लॉट में सील कर दिया जाता है, तो सिक्योरिटीज की कीमतें निर्धारित करने का समय आ जाता है। यह स्लॉट उसी के लिए जिम्मेदार होता है।

इसमें क़ीमतों का मिलान ऑर्डरस की डिमांड और सप्लाई की कीमतों के अनुसार किया जाता है। इसमें यह प्रक्रिया यह सुनिश्चित करती है,  कि अपने लिये सिक्योरिटीज खरीदने या बेचने के इच्छुक ट्रेडर्ज़ के बीच अच्छा लेन-देन निष्पादित किया जा सके।

नॉर्मल सेशन के दौरान कीमतों को तय करने में मूल्य मिलान ऑर्डर की एक महत्वपूर्ण भूमिका होती है। क्योंकि वो कीमतें बहुपक्षीय मूल्य ऑर्डर मिलान प्रणाली का उपयोग करके ही निर्धारित होती हैं।

लेकिन इसमें अंतिम स्लॉट के दौरान दिये जाने वाले ऑर्डर में कोई संशोधन नहीं होता है।

  • सुबह 9:12 से सुबह 9:15 बजे तक 

यह तीन मिनट की विंडो प्री ओपनिंग सेशन और नॉर्मल सेशन के बीच का चरण होता है। इस स्लॉट के दौरान न तो किसी ऑर्डर को निरस्त किया जा सकता है, और न ही संशोधित किया जा सकता है।

पिछले दो स्लॉट के दौरान जो कुछ भी किया होता है, वह सब कुछ वैसा ही रहता है।

  1. नॉर्मल सेशन 

यह सेशन सुबह 9:15 पर शुरू होता है। और दोपहर 3:30 पर समाप्त हो जाता है। यह सेशन ऐसी जगह है  जहाँ पर आम तौर पर ट्रेडिंग होती है, और इस सेशन को प्राइमरी ट्रेडिंग सेशन के नाम से जाना जाता है।

इस सेशन के दौरान दिये जाने वाले प्रत्येक ऑर्डर को द्विपक्षीय ऑर्डर मैचिंग सिस्टम का पालन करना पड़ता है। इस ऑर्डर मैचिंग सिस्टम में  संबंधित सिक्योरिटीज की क़ीमतों का निर्धारण उनकी डिमांड और सप्लाई के आधार पर होता है।

द्विपक्षीय ऑर्डर मैचिंग सिस्टम का सबसे बड़ा नुक़सान यह है कि यह सिस्टम अत्यधिक अस्थिर है, जो कि इसमें सिक्योरिटीज की कीमतों के अचानक उतार-चढ़ाव को दर्शाता है।

प्री-ओपनिंग सेशन की इस अस्थिरता को दूर करने के लिए इनके द्वारा एक मल्टी-ऑर्डर सिस्टम भी तैयार किया गया था।

जिसे अब पूर्ण रूप से भारतीय स्टॉक मार्केट में शामिल कर लिया गया है।

  1. क्लोज़िंग सेशन 

दोपहर 3:30 बजे भारतीय स्टॉक मार्केट में क्लोज़िंग बेल बजती है। इस समय सभी ट्रेडों का समापन हो जाता है, और फिर पूरे दिन की ट्रेडिंग  को एक साथ जोड़ा जाता है।

इस सेशन को दो स्लॉट में बाटा जा सकता है। जैसे :

  • सुबह 3:30 से दोपहर 3:40 तक

इस सेशन में आप सुबह 3:00 से दोपहर 3:30 तक के बीच की सभी ट्रेडिंग सिक्योरिटीज की कीमतों का औसत भार उठाकर उनका क्लोज़िंग प्राइस तय किया जाता है। 

सेंसेक्स, निफ्टी, एसएंडपी ऑटो जैसे विभिन्न सूचकांकों के तहत सूचीबद्ध सिक्योरिटीज की औसत कीमत की गणना करके उनका क्लोज़िंग प्राइस निर्धारित किया जाता है।

  • दोपहर 3:40 से शाम 4:00 तक 

ये 20 मिनट का सेशन प्री-ओपनिंग सेशन के जैसा ही  होता है। इस सेशन को पोस्ट मार्केट ऑर्डर सेशन कहा जाता है।

इस विंडो में आप पास अपनी सिक्योरिटीज को खरीदने या बेचने के लिए ऑर्डर देने का ऑप्शन केवल इक्विटी ट्रेडिंग के लिए ही उपलब्ध होता है।

हालाँकि इस विंडो के दौरान मार्केट बहुत सक्रिय नहीं होती है,  लेकिन फिर भी आप मार्केट की गतिविधियों पर नज़र रख सकते हैं।

सेशन 

टाइम 

प्री-ओपनिंग सेशन   सुबह 9:00 से सुबह 9:15 तक 
नॉर्मल सेशन  सुबह 9:15 से दोपहर 3:30 तक 
क्लोज़िंग सेशन  दोपहर 3:30 से शाम 4:00 तक 

भारतीय स्टॉक मार्केट में इंट्राडे का टाइम   

भारतीय स्टॉक मार्केट के टाइम (Share Market Timing in Hindi) के विभिन्न सेशन को समझने के बाद आपके लिये यहाँ के ब्रोकर द्वारा निर्धारित की हुई समय सीमा के बारे में जानना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

वे लोग इस टाइम का उपयोग तब करते है, जब कोई ट्रेडर अपने इंट्राडे ट्रेड को क्लोज़ करना भूल जाता है और वे लोग इसे ऑटो स्क्वायर ऑफ कहते है।

इसमें संबंधित ब्रोकरो की आरएमएस टीम आपके ट्रेडों को स्वचालित रूप से एक स्थिति में बदल कर बंद कर देती है।

भारतीय स्टॉक मार्केट में अलग-अलग ब्रोकरों के अलग-अलग इंट्राडे टाइमिंग है। जिसमें से कुछ ब्रोकर के स्क्वायर ऑफ टाइम नीचे टेबल में बताया है :

ब्रोकर

     इंट्राडे स्क्वायर ऑफ टाइम      

जेरोधा   दोपहर 3:20 
सैमको   दोपहर  3:15 
आईआईएफएल दोपहर 3:15 
शेयरखान  दोपहर 3:30 
5 पैसा  दोपहर 3:15

ऑफ्टर मार्केट ऑर्डर (AMO)

जो ट्रेडर्ज़ किसी भी कारण के चलते ट्रेडिंग हॉर्स (घंटो) में ऑनलाइन नहीं हो पाते, उनके लिए लगभग सभी ब्रोकरो के पास सरलीकृत समाधान उपलब्ध है।

जिसमें वे उन्हें आफ्टर मार्केट ऑर्डर्स लगाने का ऑप्शन प्रदान करते हैं। क्या आप इसके बारे में जान कर थोड़े परेशान हैं, और सोच रहे है कि यह कैसे काम करता है?

तो चलिये हम बताते है, यह बहुत आसान है। इसमें वे अपने ग्राहकों को कुछ पूर्वनिर्धारित समय स्लॉट में अपने ऑर्डर देने की अनुमति प्रदान करते हैं। वो स्लाट्स दोपहर 3:30  पर स्टॉक मार्केट बंद होने के बाद और सुबह 9:15 पर स्टॉक मार्केट खुलने से पहले खोले जाते हैं। 

ये ट्रेडिंग विंडो अलग-अलग समय पर अलग-अलग ब्रोकर द्वारा अपनी विभिन्न फाइनेंशियल सिक्योरिटीज के लिए खोली जाती हैं।

यह ऑप्शन आम तौर पर ट्रेडर्ज़ द्वारा कुछ कंपनियों की सिक्योरिटीज को ख़रीदने के लिए इस्तेमाल किया जाता है,  जिससे अगले दिन मार्केट खुलते ही वे उन ट्रेडों को निष्पादित कर सके।

इस तरह की ट्रेडिंग करने का सबसे बड़ा फ़ायदा यह है,  कि आपको अपने ट्रेड को निष्पादित करने के लिए एक्सचेंज में खुद मौजूद होने की आवश्यकता नहीं है।


मुहूर्त ट्रेडिंग 

हालाँकि दिवाली पर ट्रेडिंग मार्केट बंद रहती है। क्योंकि यह भारत यह भर में मनाया जाने वाला एक हिंदू त्योहार है। लेकिन इस दिन भारतीय स्टॉक मार्केट ट्रेडिंग के लिए केवल एक घंटे खुलती हैं,  क्योंकि इसको यहाँ के ट्रेडर द्वारा शुभ माना जाता है।

इस विशेष ट्रेडिंग घंटे को हर साल पहले ही घोषित कर दिया जाता है, लेकिन साल-दर-साल यह टाइम बदलता रहता है। आम तौर पर, शाम का समय ही इस एक घंटे के लिए चुना जाता है।


निष्कर्ष

स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग करना एक रिस्की काम है। इसलिए, स्टॉक मार्केट की पूरी जानकारी हासिल करना बहुत ज़रूरी होता है।

जैसे मार्केट के टाइम स्लॉट एक ट्रेडर और निवेशक को बिल्कुल स्पष्ट होने चाहिए,  जिससे वो अपने लिये एक अच्छा स्लॉट चुने और लाभ कमाएं।

जैसा कि ऊपर बताया गया है, कि एनएसई और बीएसई भारत के दो सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज हैं।

ये दोनो एक ही समय पर ट्रेडिंग की प्रक्रिया शुरू खत्म करते हैं। जोकि सुबह 9:00 से लेकर शाम 4:00 तक (सोमवार से शुक्रवार) है।

इन्होंने अपने सेशन को तीन श्रेणियों में विभाजित किया हुआ है, और उनके प्रत्येक स्लॉट में एक समर्पित ऑपरेशन होता है।

जैसे प्री-ओपनिंग सेशन के लिए मार्केट सुबह 9:00 खुलती है और शाम 4 :00 बजे पोस्ट-मार्केट सेशन के बाद बंद होती है।

किसी विशिष्ट ब्रोकर के साथ ऑफ्टर मार्केट ऑर्डर देने के लिए आपका उनके प्लेटफॉर्म पर जाना बहुत महत्वपूर्ण है। क्योंकि प्रत्येक ब्रोकर के पास एक ही काम के लिए अलग-अलग टाइम होता है।

भारतीय स्टॉक मार्केट का सबसे ख़ास पहलू मुहूर्त ट्रेडिंग है, जिसमें दिवाली के दिन शाम को एक ट्रेडर या निवेशक अपना ऑर्डर दे सकता है। हालांकि, उस दिन मार्केट केवल एक घंटे के लिए ही खुलती है।

हम उम्मीद करते हैं कि के Share Market Timing in Hindi संबंध में हमारे द्वारा आपके सभी प्रश्नों के हम मिल गए होंगें। 


अधिकतर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न: भारत में स्टॉक मार्केट किस टाइम खुलती है?

भारतीय स्टॉक मार्केट सोमवार से शुक्रवार हर सुबह 9:15 से लेकर दोपहर 3:30 के बीच काम करती है। 

प्रश्न: निफ्टी किस समय खुलता है?

चूंकि निफ्टी एनएसई का एक मार्केट इंडेक्स है, इसलिए यह एनएसई के साथ ही खुलता और बंद होता है।

एनएसई सुबह 9:00 पर प्री-ओपनिंग सेशन के लिए खुलता है और इसका नॉर्मल सेशन सुबह 9:15 पर शुरू होता है।

प्रश्न: भारत में मार्केट बंद होने के बाद क्या हम शेयर खरीद सकते हैं?

हां, हम भारत में मार्केट बंद होने के बाद भी शेयर खरीद सकते हैं।

यह हम पोस्ट मार्केट ऑर्डर या ऑफ्टर मार्केट ऑर्डर के माध्यम से कर सकते हैं। 

प्रश्न: क्या हम शनिवार को शेयर बेच सकते हैं?

नहीं, हम शनिवार को शेयर नहीं बेच सकते,  क्योंकि यहाँ ट्रेडिंग सेशन सोमवार से लेकर शुक्रवार तक ही होता है।

हालांकि, ऑफ्टर मार्केट ऑर्डर के मामलों में, किसी विशेष ब्रोकर के ग्राहकों के पास ट्रेडिंग के लिए एक स्लॉट उपलब्ध हो सकता है।

जिसमें आप शनिवार को ऑर्डर दे सकते है, लेकिन आपका वह ऑर्डर सोमवार को मार्केट के खुलने के बाद ही निष्पादित होता है।

इसलिए आप इसके अनुकूल ही अपने ब्रोकर के साथ इस विवरण की जांच करें। 

प्रश्न: क्या हम भारत में रविवार को भी शेयर खरीद सकते हैं?

नहीं, हम भारत में रविवार को शेयर नहीं खरीद सकते। भारतीय स्टॉक मार्केट ट्रेडिंग के लिए केवल सोमवार से शुक्रवार तक ही खुलती हैं।

हालाँकि ऑफ्टर मार्केट ऑर्डर के मामले में आपको रविवार को भी अपना ऑर्डर देने का अवसर मिल सकता है। 

लेकिन फिर भी आपका ट्रेड सोमवार को ही निष्पादित किया जाएगा।

जब मार्केट में ट्रेडिंग शुरू होती है, तब प्राथमिकता पर निष्पादित किए जाने वाले ऑर्डरस को एकत्र करके संशोधित किया जाता है।

प्रश्न: क्या हम बाजार खुलने से पहले ऑर्डर दे सकते हैं?

हां, हम मार्केट खुलने से पहले ऑर्डर दे सकते हैं। आप प्री-ओपनिंग सेशन सुबह 9:00 से सुबह 9:15 के दौरान अपनी इच्छा अनुसार ऑर्डर दे सकते है।

इस समय स्लॉट के दौरान दिये गए ऑर्डर को पहले से रखे हुए अन्य ऑर्डरस से पहले निष्पादित किया जाता है । मतलब उन्हें प्राथमिकता पर क्लीर किया जाता है।

प्रश्न: बीएसई किस समय खुलता है?

बीएसई या बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज नोर्मल सेशन में ट्रेडिंग के लिए सुबह 9:15 पर खुलता है। लेकिन इसका प्री-ओपनिंग सेशन सुबह 9:00 पर ही खुल जाता है।

प्रश्न: भारतीय स्टॉक मार्केट कब बंद होती है?

भारतीय स्टॉक मार्केट नोर्मल सेशन के लिए दोपहर 3:30 पर बंद होती है। लेकिन इसका पोस्ट-मार्केट ऑर्डर सेशन शाम 4:00 के बाद बंद होता है।

अगर आप सेंसेक्स में हुई अब तक की महत्वपूर्ण घटनाओ के बारे में जानना चाहते हैं तो सेंसेक्स Historical Data आप को पढ़े।


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